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A Hundred Little Flames

When 26-year-old Ayan is sent to live with his grumpy old grandfather Gopal Shanker, in a tiny village, in Kerala, he is understandably devastated. What can a sleepy, idyllic village without even Internet connectivity offer a young man?(click here to buy)
To make matters worse, Jairaj, Ayan’s domineering father has his own plans and is determined to have his way. Soon, Ayan has to come to terms with the hard realities of life and the blindness of greed as he and Gopal Shanker learn that life can sometimes unravel in unanticipated ways.(click here to buy)
A young man, whose life lies ahead of him. An old man, whose life is all in the past. And a few months that change everything. A Hundred Little Flames is a charming account of a relationship across generations and also a meditative look at the issues of old people.
Preeti Shenoy’s foray into new fictional terrain is an absolute triumph!

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Beech Ka Rasta Nahin Hota

        "Beech Ka Rasta Nahin Hota"          Pash पाश की कविता हमारी क्रांतिकारी काव्य–परंपरा की अत्यंत प्रभावी और सार्थक अभिव्यक्ति है । मनुष्य द्वारा मनुष्य के शोषण पर आधारित व्यवस्था के नाश और एक वर्गविहीन समाज की स्थापना के लिए जारी जनसंघर्षों में इसकी पक्षधरता बेहद स्पष्ट है । साथ ही यह न तो एकायामी है और न एकपक्षीय, बल्कि इसकी चिंताओं में वह सब भी शामिल है, जिसे इर प्रगतिशील काव्य–मूल्यों के लिए प्राय: विजातीय माना जाता रहा है । अपनी कविता के मा/यम से पाश हमारे समाज के जिस वस्तुगत यथार्थ को उद्घाटित और विश्लेषित करना चाहते हैं, उसके लिए वे अपनी भाषा, मुहावरे और बिंबों–प्रतीकों का चुनाव ठेठ ग्रामीण जीवन से करते हैं । घर–आँगन, खेत–खलिहान, स्कूल–कॉलेज, कोट–कचहरी, पुलिस–फौज और वे तमाम लोग जो इन सबमें अपनी–अपनी तरह एक बेहतर मानवीय समाज की आकांक्षा रखते हैं, बार–बार इन कविताओं में आते हैं । लोक–जीवन में ऊर्जा ग्रहण करते हुए भी ये कविताएँ प्रतिगामी आस्थाओं और विश्वासों को लक्षित करना नहीं भूलतीं और उनके पुनर्संस्कार की प्रेरणा देती हैं ...

Aughad / औघड़

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